मधुमेह का निदान – सही रास्ता, सही समय!

मधुमेह दुनिया की सबसे आम पुरानी बीमारियों में से एक है तथा कई प्रमुख और गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों का प्रमुख कारण भी। इसीलिए इसके समय पर निदान की आवश्यकता है।

यह बहुत स्पष्ट है कि अगर आप मधुमेह के विभिन्न संकेतों और लक्षणों का अनुभव करते हैं, या, यदि आप मधुमेह होने की उच्च जोखिम श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, तो आपको इसके प्रारंभिक नियंत्रण के लिए जल्द से जल्द जांच या परीक्षण करवाना चाहिए।

आमतौर पर यह सलाह दी जा सकती है कि 35 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के हर व्यक्ति को मधुमेह का परीक्षण करवाना चाहिए, और यदि परिणाम सामान्य हैं, तो हर तीन साल में फिर से परीक्षण किया जाना चाहिए। लेकिन, जो लोग जोखिम श्रेणी के अंतर्गत आते हैं उनके लिए किसी भी प्रकार की संभावना से बचने के लिए उम्र में पहले ही अपने चिकित्सक से मिलना चाहिए। परीक्षण करने और कितने बार किया जाए इसका निर्णय लेने में आपका चिकित्सक सबसे सही व्यक्ति  होगा और आपको एक निश्चित निदान देने के लिए सबसे उपयुक्त परीक्षण का चयन करेगा।

मधुमेह का निदान करने में कौन से परीक्षण आपकी मदद कर सकते हैं?

आप पूर्वमधुमेह, सीमा रेखा मधुमेह या मधुमेह की श्रेणी में आ सकते हैं। समय पर निदान आवश्यक है ताकि इसकी रोकथाम या नियंत्रण के लिए जल्द कार्रवाई की जा सके। इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए और अन्य आवश्यक कारकों के आधार पर, आपका चिकित्सक निदान के लिए निम्न परीक्षणों का सुझाव दे सकता है:

अ. प्लाज्मा ग्लूकोज परीक्षण (एफपीजी) उपवास: ययह परीक्षण  खाली पेट आपके रक्त शर्करा स्तर को मापता है। इस परीक्षा से गुजरने का सबसे अच्छा समय सुबह में होता है जब आपको  कुछ भी खाए बिना कम से कम 8 घंटे हो चुके होते हैं। यह परीक्षण मधुमेह या पूर्वमधुमेह का पता लगाने में सहायक है (यानी आपमें टाइप 2 मधुमेह विकसित करने की अधिक संभावना है लेकिन अभी तक यह हुआ नहीं है)।

ब. एक मौखिक ग्लूकोज सहिष्णुता परीक्षण (ओजीटीटी):यह कम से कम आठ घंटे तक उपवास के बाद और ग्लूकोज युक्त पेय पीने के दो घंटे बाद भी आपकी रक्त शर्करा स्तर मापता है। इस परीक्षण का उपयोग मधुमेह या पूर्वमधुमेह रोग का निदान करने के लिए किया जा सकता है। पूर्वमधुमेह का निदान करने के लिए एफपीजी परीक्षण की तुलना में यह अधिक संवेदनशील परीक्षण है।

स. आकस्मिक प्लाज्मा ग्लूकोज परीक्षण: इस परीक्षण में रक्त शर्करा को दिन के किसी भी समय चेक किया जा सकता है, भले ही आपने अपना अंतिम भोजन किसी भी समय  खाया हो। इस परीक्षण का प्रयोग मधुमेह का निदान करने के लिए किया जा सकता है लेकिन पूर्वमधुमेह के निदान के लिए नहीं। यदि आपका आकस्मिक  रक्त ग्लूकोज स्तर 200 मिलीग्राम / डीएल या उससे अधिक है, तो डॉक्टर आपको मधुमेह के निदान की पुष्टि करने के लिए किसी अन्य दिन एफपीजी या ओजीटीटी का उपयोग कर अपने रक्त ग्लूकोज स्तर की जांच करने की सलाह दे सकता है।

द. ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन (एचबीए 1 सी) परीक्षण: इस रक्त परीक्षण की  सलाह आमतौर पर उन लोगों को दी जाती है जिनमें मधुमेह का निदान हो चुका है। यह परीक्षण पिछले दो से तीन महीनों के दौरान आपकी औसत रक्त शर्करा का स्तर इंगित करता है और जानने में सहायता करता है कि आपके मधुमेह को कितनी अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा रहा है।

महत्वपूर्ण: कुछ प्रयोगशालाएं इस परीक्षण के लिए अन्य संख्याओं का उपयोग कर सकती हैं। यदि उपर्युक्त परीक्षणों में से किसी एक में आपके परिणाम मधुमेह का संकेत दें; तो सलाह दी जाती है कि हमेशा एक अन्य दिन परीक्षण दोहरा कर अपने आँकड़ों की पुष्टि करें।

चूंकि, उपचार मधुमेह के प्रकार पर निर्भर करता है, इसलिए यह जानना बहुत जरूरी होता है कि आपको किस प्रकार का मधुमेह है!

हालांकि, ऊपर वर्णित परीक्षण यह पुष्टि कर सकते हैं कि आपको मधुमेह है, लेकिन, यह पहचानने के लिए कि यह  किस प्रकार का है, कुछ अतिरिक्त परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है। इनमें रक्त परीक्षण शामिल हैं जिसमें कुछ ऑटोएंटीबॉडीज़ का उपयोग किया जाता है जैसे कि जीएडी ऑटोएंटीबॉडी परीक्षण या सी-पेप्टाइड परीक्षण। मधुमेह के एक या अधिक विशिष्ट प्रकार के ऑटोएंटीबॉडी की उपस्थिति टाइप 1 मधुमेह को इंगित करती है।

यदि टाइप 1 मधुमेह का संदेह  है, तो कीटोन की उपस्थिति की जांच के लिए मूत्र परीक्षण भी किया जा सकता है। ये फ़ैट के टूटने से उत्पन्न होते हैं।

इसलिए,  टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के बीच अंतर करने के लिए इन अतिरिक्त परीक्षणों का उपयोग भी निदान के हिस्से के रूप में भी किया जा सकता है।

एक बार मधुमेह का निदान होने के बाद, यह देखने के लिए सख्त निगरानी महत्वपूर्ण है कि उपचार योजना कितनी अच्छी तरह से काम कर रही है। इसलिए, यह जानना सुनिश्चित करें कि आपके कौन से परिणाम बहुत ऊँचे  हैं और कौन से बहुत कम। यह जानने के लिए अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से परामर्श करें कि आपके परिणाम लक्ष्य सीमा से बाहर हों तो क्या क़दम उठाए जाएँ।”

लेखक:

कवलजीत कौर: कवलजीत हेल्थकेयर ऑपरेशंस में 15 से अधिक वर्षों के अनुभव वाली  एक हेल्थकेयर पेशेवर है। उनका अंतिम कॉर्पोरेट पद सेंटर फॉर साइट में वाइस प्रेसिडेंट -संचालन था। एक लेखक के रूप में, उन्हें  चिकित्सा सामग्री में विशेषज्ञता हासिल है। साथ ही वे वर्तमान स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्यों से संबंधित विषयों पर स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों, वेब स्वास्थ्य पोर्टल, अस्पतालों आदि विभिन्न मंचों  के लिए लिखती हैं तथा वर्तमान में हेल्थकेयर पत्रिका का नेतृत्व कर रहीं हैं।

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