भारत में महामारी बनता मधुमेह

एक समय था जब कोई भी भारतीय उत्सव मिठाई के बिना पूरा नहीं होता था। लेकिन आज, मिठाई पीछे छूट गई है और और कम चीनी वाले विकल्प पसंदीदा बन गए हैं? हम सब जानते हैं क्यों? इसका कारण है मधुमेह जो घातक और स्थाई  रोग है, जिसने हमारे परिवार के अधिकांश सदस्यों, रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों को चपेट में ले लिया है ।

इस बीमारी ने न केवल हमारे देश को प्रभावित किया है, बल्कि पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ रहा है। इसने बड़ी संख्या में आबादी  को प्रभावित किया है और अब यह दुनिया में एक सर्वाधिक आम रोग हो गया है। दुनिया भर में मधुमेह से प्रभावित लोगों की संख्या अब ४२२,०००,०००  तक पहुंच गई है।

हैरानी की बात है (या नहीं भी है),  दुनिया में भारत शीर्ष 3 देशों के बीच है जहाँ ६९,२००,००० लोगों को मधुमेह है (२०१५ के आंकड़ों के अनुसार) और यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुमानों के अनुसार, यह संख्या भारत में २०३० तक  बढ़कर १०१,०००,०००  तक होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या निश्चित रूप से हमारे समाज की भलाई के प्रति एक गंभीर खतरा होगी। यह तथ्य, कि मधुमेह भी हमारे देश में मौतों का प्रमुख कारण है, हमारी चिंता में बढ़ोतरी करता है। इसलिए, इस्से हम सब को प्रेरित होना चाहिए कि मधुमेह के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल  करने के लिए हम ज़्यादा समय तथा संसाधनों को समर्पित करें।

मधुमेह क्या है?

सरल शब्दों में कहें तो, मधुमेह एक चिकित्सा  स्थिति  है, जहाँ  शरीर ग्लूकोज़ (शर्करा) को ऊर्जा में परिवर्तित करने में विफल रहता है। तो, जब आप मधुमेह से पीड़ित होते हैं  तो आपके शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा असामान्य रूप से उच्च होती है। मधुमेह इंसुलिन से जुड़ा हुआ है, जो अग्न्याशय में उत्पादित हार्मोन है, और शरीर में ग्लूकोज के उपयोग किए जाने में मदद करता है। हमारी रक्त शर्करा के स्तर को इंसुलिन कड़ाई से नियंत्रित करती है और खाना खाने के बाद ऊँचे हुए ग्लूकोज स्तर को कम करने में मदद  करती है।

मधुमेहप्रथम  प्रकार के मामलों में, शरीर में गंभीर रूप से पर्याप्त इंसुलिन का अभाव हो जाता है, जबकि मधुमेहद्वितीय प्रकार के मामले में, शरीर में पर्याप्त इंसुलिन होने के बावजूद यह इंसुलिन के प्रति दोषपूर्ण प्रतिक्रिया करता है।

 मधुमेह के प्रकार

मधुमेह दुनिया भर में, और विशेष रूप से भारत में सबसे चर्चित रोग है, लेकिन इसके प्रकार क्या हैं और हमारे देश में मधुमेह का कौन सा प्रकार सबसे अधिक मार कर रहा है, यह अभी भी हमारी आबादी के लिए अज्ञात है। जीवन के सभी क्षेत्रों से लोग-युवा और बूढ़े, इस बारे में विभिन्न तथ्यों को जाने बिना इस रोग के साथ रह रहे हैं। आइए अधिक जानें।

मधुमेह के मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:

) मधुमेह प्रथम प्रकार :

– आमतौर पर बच्चों और युवा वयस्कों में  पाया जाता है, और पहले यह किशोर मधुमेह के रूप में जाना जाता था।

-यह सभी मधुमेह मामलों का  5-10%  हिस्सा होता है ।

– यह तब होता है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ग़लती से अग्नाशय बीटा कोशिकाओं (जो इंसुलिन का उत्पादन करती हैं) पर हमला करता है, उन्हें नष्ट कर देता है और इस प्रकार  रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित  करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने वाली शरीर की क्षमता को कम  कर देता है।

-मधुमेह प्रथम प्रकार से पीड़ित अधिकांश लोगों में रोग का पारिवारिक इतिहास नहीं होता है।

) मधुमेह द्वितीय प्रकार  (T2DM):

– हमारे देश में मधुमेह के सभी मामलों का यह  90-95% हिस्सा होता है।

– इस प्रकार के मधुमेह में हमारा शरीर इंसुलिन का उत्पादन करता है लेकिन उसे ठीक से पहचानने और उपयोग करने में असमर्थ होता है। इसके परिणामस्वरुप रक्त में ग्लूकोज  जमा होने लगता है जबकि कोशिकाओं  मैं ऊर्जा की कमी हो जाती है।

-T2DM  का प्राथमिक कारण मोटापा है और इसके कारण कई अन्य रोग हो सकते हैं जैसे कि हृदय रोग, स्ट्रोक, अंधापन, गुर्दे की विफलता, न्यूरोपैथी, विच्छेदन, नपुंसकता, अवसाद और कैंसर के कुछ रूपों से मृत्यु दर का जोखिम आदि।

– द्वितीय प्रकार के मधुमेह  का नियंत्रण या संभवतः उलट दिया जाना भी संभव है दवाओं के बिना ही, उचित आहार और व्यायाम के ज़रिए अपनी  लेप्टिन और इंसुलिन संवेदनशीलता से उबर कर। हालांकि, कुछ मामलों में यह बदतर होता जाता है और मरीज को संभवत इंसुलिन लेने की आवश्यकता पड़ती है, गोली या इंजेक्शन के रूप में.

३) गर्भावधि मधुमेह:

-यह गर्भावस्था के दौरान होता है जिससे गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जटिलताओं का जोखिम बढ़ जाता है। बच्चे  का आकार  जितना होना चाहिए उससे बड़ा हो सकता है। माँ और बच्चे को भी भविष्य में द्वितीय प्रकार के मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है ।

-गर्भावस्था के दौरान, कुछ महिलाओं के रक्त में ग्लूकोज का स्तर बहुत ऊँचा हो जाता है, और उनका शरीर सारे ग्लूकोज को कोशिकाओं में परिवहन करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ हो जाता है । इसके परिणामस्वरूप  रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है।

– गर्भावधि मधुमेह  के अधिकांश  रोगी व्यायाम और आहार के साथ अपने मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं। उनमें से 20% से 10%  रोगियों को रक्त ग्लूकोज को नियंत्रित करने वाली दवाओं की आवश्यकता होगी ।

“मधुमेह होना डरा सकता है। लेकिन घबराएं नहीं । मधुमेह वाले लोग भी लंबा, स्वस्थ और सुखी जीवन जी सकते हैं । सिर्फ मधुमेह से जुड़ी स्थितियों के बारे में सही जानकारी से खुद को सज्जित करें और जाने कि इसे कैसे रोक सकते हैं और प्रबंधित कर सकते हैं।”

मधुमेह तीन प्रकार का होता है। मधुमेह प्रथम, मधुमेह द्वितीय और गर्भावस्था मधुमेह।

मोटापा अक्सर द्वितीय प्रकार के मधुमेह का कारण बनता है।

 

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