सर्दियों में मधुमेह का प्रबंधन कैसे करें? कुछ टिप्स

मधुमेह का प्रबंधन निश्चित रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है! लेकिन, क्या आपको पता है कि सर्दियाँ इसे और भी मुश्किल बना सकती हैं?

तापमान में गिरावट के साथ, रक्त शर्करा का स्तर वास्तव में ऊपर जा सकता है। दरअसल, सर्दियों के दौरान, कई लोगों को गर्मियों के महीनों की तुलना में उच्च HbA1c स्तर का सामना होता है। यह विभिन्न कारकों के कारण होता है जो सर्दियों में हमारे रक्त में ग्लूकोज स्तर को प्रभावित कर सकते हैं।

तो, सर्दियां जब इतने करीब आ रहीं हैं, तो हमें उन विभिन्न आम कारणों पर नजर डालनी चाहिए जो हमारी रक्त शर्करा का स्तर बढ़ा सकते हैं, और अपने आप को तैयार करें उन समस्याओं से बचने के लिए जो रक्त में शर्करा की ऐसी वृद्धि के कारण उत्पन्न हो सकती हैं।

सर्दियों के दौरान रक्त शर्करा वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक

सर्दियों के दौरान बढ़ी हुई भूख अधिक वसा और कार्बोहाइड्रेट के सेवन का कारण बन सकते हैं।

सर्दियों का अक्सर मतलब होता है ज्यादा खाना। कई बार हम अपनी भूख की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उचित मात्रा से अधिक खा लेते हैं। भोजन की मात्रा में इस वृद्धि से कार्बोहाइड्रेट और वसा की मात्रा में वृद्धि हो सकती है, जिससे हमारी रक्त शर्करा प्रभावित हो सकती है। कार्बोहाइड्रेट (कार्ब) रक्त शर्करा में अचानक बढ़ोतरी का कारण बन सकते हैं और वसा का सेवन इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा दे सकता है। इससे आपकी मधुमेह दवा या इंसुलिन को अपना काम करने में कठिनाई हो सकती है। नतीजतन, रक्त शर्करा में वृद्धि हो जाती है।

कम एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधियां ।

हमने पहले भी इस बात पर बल दिया है कि सक्रिय रहना रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद करता है। इसका कारण यह है कि अधिक गतिशील होने का मतलब है कि आपका शरीर मांसपेशियों को ईंधन देने के लिए अधिक ग्लूकोज का उपयोग करता है। इसके अलावा, शारीरिक गतिविधि से इंसुलिन को बेहतर काम करने में मदद मिलती है। लेकिन, दुर्भाग्य से, सर्दियां हमें आलसी बनाती हैं और हम अपने नियमित एक्सरसाइज छोड़ देते हैं । दरअसल, उम्रदराज लोगों के लिए, सर्दियों में बाहर घूमने या एक्सरसाइज के लिए जाना मुश्किल होता है। इसके अलावा, ऐसा करने की सिफारिश भी नहीं की जाती। लेकिन, फिर कम गतिविधियों और कसरत से आपके शरीर में अधिक ग्लूकोज जमा हो सकता है जो रक्त शर्करा की वृद्धि का कारण बन सकता है।

फ्लू या किसी अन्य बीमारी का असर।

सर्दियों का साथ आम तौर पर सर्दी और जुकाम के साथ जुड़ता है। इसके कई कारण हैं:

-तापमान में गिरावट के कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में कमजोरी।

-सर्दी, सूखी ठंडी हवाएं फ्लू वायरस को ज्यादा समय तक जीवित रहने और आसानी से दूसरों तक फैलने की सुविधा देती हैं।

-फ्लू वायरस सर्दियों में ज्यादा मजबूत होता है बनिस्बत गर्म महीनों के।

यह सभी कारक हमें सर्दियों में ठंड पकड़ने के लिए अतिसंवेदनशील बनाते हैं ।

दरअसल, न केवल फ्लू, बल्कि किसी भी तरह की बीमारी/संक्रमण शरीर में पैदा तनाव के कारण आपकी रक्त शर्करा को बढा सकते हैं ।

अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड नहीं रखना। ( पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं पीना)

हमारी सामान्य प्रवृत्ति है कि जब हमें प्यास लगती है तभी हम पानी पीते हैं। गर्म महीनों में हम अधिक तरल पदार्थ पीते हैं क्योंकि हम शायद प्यास महसूस करते हैं और अधिक सक्रिय होते हैं। जबकि, सर्दियों में, हमारे पीने के स्वरूप में परिवर्तन आ जाता है। हम पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं पीते, जिससे निर्जलीकरण हो सकता है जो हमारी रक्त शर्करा में वृद्धि कर सकता है। इसके अलावा, हम निर्जलीकरण के खराब चक्र में फंस जाते हैं जिससे शर्करा स्तर बढ़ता है और उच्च रक्त शर्करा की मात्रा से अक्सर पेशाब होती है जिससे हम और अधिक निर्जलित हो सकते हैं।

अपने मधुमेह प्रबंधन की आपूर्ति के लिए सही वातावरण नहीं बनाए रखना।

जब तापमान बढ़ना या घटना शुरू होता है, तो यह आपके मधुमेह परीक्षण के उपकरणों और दवाओं को प्रभावित कर सकता है। चरम तापमान इंसुलिन की स्थिरता को बदल अथवा कम कर सकते हैं। जिसके परिणामस्वरूप वह आपके शरीर को उस तरह प्रभावित नहीं कर सकती जैसे कि आम तौर पर करती है। यह आपकी शर्करा रीडिंग बेहद बदल सकता है।

अपने आप को पर्याप्त रूप से गर्म नहीं रखना।

तापमान में परिवर्तन न केवल आपके मधुमेह उपकरणों और दवाओं को प्रभावित कर सकता है, बल्कि आपके शरीर के इंसुलिन उत्पादन और इसके अच्छी तरह से उपयोग करने की क्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

अपने मधुमेह प्रबंधन के लिए सर्दियों की दिक्कतों पर काबू पाने के लिए कुछ टिप्स

ज्यादा खाने से बचें ।

इसका मतलब यह नहीं है कि आप खुद को भूखा रखें। न ही इसका मतलब यह है कि आप अपने पसंदीदा खाद्य पदार्थ खाना बंद कर दें। लेकिन, इसका निश्चित रूप से मतलब है कि आप हमेशा की तरह स्वास्थ्यवर्धक खाने पर ध्यान केंद्रित रखें, छोटे हिस्सों में खाएं और हल्के नाश्ते के साथ भूख को रोके रखें। अपने कार्ब सेवन का एक ट्रैक रखें और अपने भोजन और नाश्ते के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं।

शारीरिक गतिविधि के कुछ स्तर बनाए रखें ।

अगर व्यायाम के लिए बाहर जा सकने का विकल्प नहीं है, तो ऐसे तरीकों के बारे में सोचें जो आपको घर के अंदर ही फिट रहने और आपके मधुमेह के प्रबंधन में मदद दे सकें। इनके कुछ उपाय हैं: किसी जिम या स्वास्थ्य केंद्र में शामिल होना, दिन के दौरान टहलना, सीढ़ियों पर चढ़ना या घर पर एक्सरसाइज के लिए बुनियादी कसरत के उपकरणों का उपयोग करना। बस प्रत्येक दिन एक छोटी शारीरिक गतिविधि ही आपको कई तरीके से अपने ग्लूकोज के स्तर को सम्भालने में में मदद कर सकती है।

अपने डॉक्टर से फ्लू शॉट के लिए राय लें।

इसके अलावा, कुछ एहतियात बरतें जैसे कि हाथों की स्वच्छता बनाए रखने का ध्यान रखें और भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहें जिससे सर्दियों में आम सर्दी-जुकाम से बचे रह सके।

उचित मात्रा में तरल पदार्थ पिएँ और पानी पीने के लिए प्यास लगने तक नहीं रुकें ।

हालांकि, पानी सबसे अच्छा पेय है, लेकिन तापमान को हराने के लिए, आप गर्म पेय और सूप भी पीने के लिए चुन सकते हैं । लेकिन, शराब और कैफीन, जो निर्जलीकरण बढ़ाती हैं, उनसे बचें ।

परीक्षण के उपकरण और इंसुलिन सुरक्षित रखें और उन्हें ठंड में बाहर न पड़े रहने दें ।
अपनी रक्त शर्करा की जांच नियमित रुप से करें, लेकिन सुनिश्चित करें कि आपके हाथ पर्याप्त ग़र्म हों ताकि आपको सही रीडिंग मिल सके। ठंडे हाथ निश्चित रूप से आपकी रीडिंग बदल सकते हैं। इसलिए, खुद को गर्म रखें ।

इस सबसे निष्कर्ष निकलता है कि ठंड का मौसम हमारे मधुमेह प्रबंधन में उससे बड़ी भूमिका निभा सकता है जितना हम सोचते हैं। लेकिन, थोड़ी सावधानियां और पूर्व योजना आपकी मदद कर सकते है ठंड के मौसम की उदासियों को भगाने में, खासकर जब आपको मधुमेह हो।

तो, अपने आप को सुरक्षित रखें और अपनी सर्दियों का आनंद लेने के लिए तैयार रहें !

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