तुलसी में छिपा है डायबिटीज का कारगर इलाज, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बता रहे हैं इसे इस्तेमाल करने का तरीका!

यूं तो डायबिटीज को जड़ से मिटाना फिलहाल मुमकिन नहीं है। लेकिन लाइलाज समझकर इसे पूरी तरह से नजरअंदाज   भी नहीं करना चाहिए। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. सुनील यादव बता रहे हैं तुलसी की पत्तियों को किस तरह इस्तेमाल करने से ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकता है।

रोज तुलसी की पत्तियां खाने से शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल का स्तर ठीक रहता है, और डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। महर्षि इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, नई दिल्ली की डॉ. भानु शर्मा डायबिटीज के मरीजों को रोज सुबह खाली पेट दो से चार तुलसी की पत्तियां चबाने की सलाह देती हैं। तुलसी की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जिससे यूजेनॉल, मिथाइल यूजेनॉल और कारयोफाइलीन का निर्माण होता है। इन कंपाउंड्स से पेनक्रियाज की कोशिकाओं का कार्य सही तरीके से होता है और इंसुलिन की सक्रियता बढ़ती है।

डायबिटीज पीडितों के लिए तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं जिससे  बीमारियों की संभावना कम होती है। नोटिंघम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों पर किए अध्ययन के बाद यह साबित किया कि तुलसी ब्लड ग्लूकोज लेवल इम्प्रूव करती है। इसकी पत्तियों में हाईपाेग्लाइसेमिक गुण होता है जो डायबिटीज के दौरान होने वाली जटिलताओं को रोकने में मदद करता है।

किन अवस्थाओं में न खाएं तुलसी : 
1. तुलसी में हमारे शरीर के खून को पतला करने की क्षमता होती है। और इसलिए इसे खून पतला करने वाली दवाओं के साथ न खाएं।

2.  तुलसी गर्भवती महिलाओं में गर्भाशय के संकुचन को प्रोत्साहित कर सकती है। इसलिए गर्भावस्था में तुलसी न खाएं।

तुलसी से बने ये ड्रिंक भी हैं डायबिटीज में फायदेमंद : 

ठंड के मौसम में तुलसी से बने हॉट ड्रिंक बनाकर पीजिए। इससे शरीर में गर्माहट तो रहती ही हैं साथ ही इंसुलिन लेवल कंट्रोल होता है। इन ड्रिंक्स में शक्कर नहीं है। ये कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट फ्री भी होते हैं। इनमें कैफीन नहीं होती और कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। साथ ही फाइबर्स और अायरन भी होता है जो खून की कमी दूर करने और हडि्डयों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। इसके फायदों को देखते हुए डायटीशयन  शैलजा त्रिवेदी रोज घर में बनने वाले खाने में भी तुलसी की कुछ पत्तियां डालने की सलाह देती हैं। उनके अनुसार आजकल मार्केट में तुलसी का पाउडर में आसानी से मिल जाता है। चाहें तो इसे घर में लाकर रखें और रोज सुबह-शाम खाएं। जानिए तुलसी से बने ऐसे ही ड्रिंक्स की रेसिपी ।

होली बेसिल वाटर –

सामग्री : 
तुलसी के पत्ते – 5
स्ट्रॉबेरी – 1/2 कप
तरबूज – 1/2 कप
नींबू – 1/2
विधि :

तुलसी के पत्ते और स्ट्रॉबेरी को ब्लेंडर में डालें। इसमें नींबू का रस मिला लें।  इन सभी को ब्लेंडर में डालकर ब्लेंड कर लें। अब छलनी से छान लें और पिएं। तरबूज में आयरन, मैगनीशियम, कैल्शियम, मैगनीज, जिंक, पोटैशियम और आयोडीन होता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। स्ट्रॉबेरी विटामिन सी और एंटीऑेक्सीडेंट का भरपूर स्रोत है।

तुलसी की चाय – 

सामग्री :
पानी – डेढ़ कप
तुलसी के पत्ते – 5-7
नींबू का रस – 1 या 2 बंूद
विधि : 

एक पैन में पानी डालकर गर्म करें। इसें तुलसी के पत्ते मिलाकर कुछ देर उबलने दें। इसे छलनी से छान लें और नींबू का रस डालकर पिएं।

तुलसी का पानी – 

सामग्री :
तुलसी की पत्ती – 7-8
पानी – 1 गिलास
नींबू का रस – 2-3 बूंद
विधि : 

रात को एक गिलास में पानी में तुलसी की पत्तियों को भिगो दें। इन्हें सुबह खाली पेट छानकर पिएं। इसका स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू की कुछ बूंदे इसमें मिला सकते हैं।

तुलसी की चटनी –

सामग्री : 
तुलसी की पत्तियां – 2 कप
लहसुन की कलियां – 10
अखरोट – 3 आधे टुकड़े किए हुए
पिस्ता छिले हुए – 2 टेबल स्पून
ऑलिव ऑयल – 4 टेबल स्पून
विधि : 
लहसुन को छिलकर ब्लेंडर में डालें। इसमें तुलसी की पत्तियां मिला दें। साथ ही पिस्ता, अखरोट और ऑलिव ऑइल मिक्स करें। इसे किसी भी तरह के स्नैक्स या खाने के साथ सर्व करें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें हरा धनिया भी मिला सकते हैं।
                                                                          Prof Dr Sunil Yadav

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